Sunday, June 29, 2014

मीडिया में Butter
सतयुग और कलियुग का जमाना तो भैया अब रहा नही अब जमाना Butter का आ गया
है...ये Butter युग चल रहा है, ...आजकल Butter खाने से ज्यादा लगाने के
काम में आता है बस मात्रा सही होनी चाहिए..वैसे तो ये सफेद कलर का होता
है पर इसे लगाने से किसी पर कोई रंग नही चढ़ता ...हॉ इतना जरुर है कि
लगाने वाले के साथ उसका दिल मिल जाता है और किसी को दिखाई नही
देता..सिर्फ इसे महसूस किया जा सकता है....ये abstract Noun का सटीक
उदाहरण है....
 मीडिया में तो भैया इसी Butter का बोलबाला है....हो भी क्यूँ ना Butter
युग जो है बस आपको लगाने की कला आनी चाहिए पर सावधान कहीं ज्यादा लगा
दिया तो सामने वाले के साथ साथ आपके दुश्मन भी समझ जायेंगे...इसलिए
बिलकुल बराबर मात्रा होनी चाहिए...कई चैनलों में काम कर चुका हूँ किसी को
लगाया तो नही.. अपने काम से मतलब रखा..हाँ कुछ लोगों की इज्जत जरुर
की...जिन्होने मेरा सम्मान किया मैने उनको सम्मान दिया...10 साल से भी
ज्यादा वक्त से Butter का तमाशा देखता आ रहा हूँ...कुछ लोग तो Butter
लेकर चलने में मशहूर हैं...इसके कारण नाकारों की इज्जत बढ़ती
देखी...नाकाबिलों को शोहरत मिलते देखी और तो और चुगलखोरों को सम्मान भी
मिलते देखा....केवल एक Butter के बूते....हद तो तब हो गयी जब काबिल लोगों
ने भी इसको अपना हथियार बना लिया...ये सारे के सारे महारथी होते हैं इनसे
हर लोग डरते हैं...मेरा तो सामना कई बार ऐसे लोगों से हो चुका है लेकिन
मैं किसी से झुका नही डट कर सामना किया...आपका भी हुआ ही होगा....फिर भी
ये लोग आज सफलता की सीढियाँ चढ़ते जाते हैं..कई लोग तो ऐसे भी आपको मिले
होंगे जो कई लोगों को एक साथ Butter लगाने की कला में माहिर होते
हैं...उदाहरण तो बहुत हैं पर किसी का नाम लेना ठीक नही....
 ये तो हुई Butter लगाने वाले की बात अब लगवाने वाले की भी सुन लीजिये इन
महानुभावों को ये मालूम नही कि Butter लगाने वाला इतना पारंगत है कि
कुर्सी खिसकी तो Butter का रास्ता भी बदल गया...तो सावधान हो जाइये
हुजूर....वैसे आप तो सब समझते ही होंगे...मीडिया में अनुभव तो आप लोगों
का मुझसे ज्यादा ही है...अगर आपलोग ही ऐसे लोगों को प्रश्रय देगें तो
काबिलों का क्या होगा.......
 ये तो हुई सफलता की कहानी लेकिन ऐसी सफलता का क्या फायदा जब पीछे लोग
आपको गालियाँ दें... आप भी सुनें और लगवाने वाला भी सुनें...लेकिन कुछ
भाई लोग ऐसी ही जिन्दगी जीने के आदि हैं.....
CAUTION- कृप्या इसे अपने आप पर न लें.......

मीडिया के हनुमान


हमने हनुमान को तो जीवित रूप मे कभी देखा नहीं उन्हे या तो अपने घरों मे तसवीरों के शक्ल मे लटके देखा या फिर मंदिरों मे मूर्तियों के रूप मे देखा या फिर रामननन्द सागर के रामायण मे दारा सिंह को हनुमान बनते देखा, लेकिन चलिये आज मै आपको हनुमान के साक्षात दर्शन कराता हूँ ,यन्हा पर मै आपको बता दूँ की अब हनुमान की परिभाषा थोड़ी बदल गयी है , इन्हे हम देख तो सकते हैं पर पूजा नहीं कर सकते। आज के हनुमान तो हनुमान नहीं हैं लेकिन राम भी राम नहीं है राम तो ऐसे हैं की रावण कहलाने लायक नहीं हैं।  मीडिया मे तो ऐसे हनुमान की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। एक वो हनुमान थे जो प्रभु राम के लिए कुछ भी कर सकते थे, पर मीडिया के हनुमान राम से कुछ भी करा सकते हैं।  उस हनुमान के जीवन का आधार सत्य था, पर यह हनुमान चुगलखोरी, झूठ और जालसाज़ी पर ज़िंदा हैं । आवागमन के साधन के रूप मे हनुमान राम का use किया  करता है । job मे नहीं हैं राम जी को याद करो, किसी को उसके job से हटवाना है राम जी हैं ना, आप लोगों ने ऐसे कई हनुमान के साक्षात दर्शन किए होंगे मैंने भी किया है नाम नहीं लूँगा बुरा लग जाएगा। राम जी अगर खुद disturb हैं या job मे नहीं हैं तो फिर यह हनुमान कही गूम हो जाते हैं। पर राम जी एक बार power मे आ गए तो फिर क्या problem, एक बार फिर भक्ति रस की धारा , अब बेचारे राम क्या करे भक्त की भक्ति से तो प्रसन्न होना ही पड़ता है , अब राम खुश तो फिर क्या हनुमान के career से नौकरी का संकट खत्म।  आनन फानन मे नौकरी पर रख लिया salary भी बढ़ गयी फिर चाहे हनुमान के आने से किसी दूसरे की नौकरी पर ही क्यों ना संकट के बादल छा जाए। इससे राम को क्या मतलब, बस उसका प्रिय हनुमान प्रसन्न तो वो भी प्रसन्न।अब भाई राम ने हनुमान को इतनी security तो कलयुगी हनुमान का भी कोई फर्ज तो बनता है ना , हनुमान को भी कभी कभी थोड़े काम तो करने ही पड़ेंगे, थोड़ा सा वक़्त अपने office time  के अलावे देना तो पड़ेगा । इस मीडिया मे तो आश्चर्यजनक रूप से एक राम कई कई हनुमान पाले होते हैं बस राम का काम इतना होता है की उसे job से हटाये नहीं, उसे ज्यादा काम ना दे, भारी से भारी गलती को छोटी बना दे, समय समय पर salary भी बढ़वा दे चाहे वो उस काबिल हो या ना हो,इससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ता । हनुमान को भी यह ध्यान रखना होता है की उसके राम के खिलाफ कौन कौन है और क्या क्या कहता है और वो इसकी सूचना राम तक पहुचा कर निश्चिंत अरे राम जी आपके ऊपर भी एक राम हैं जो सबके राम हैं उनसे तो डरा करो जब उसका डंडा चलेगा न तो कन्ही के नहीं रह जाओगे


NOTE- हनुमान केवल पुरुष ही नहीं हो सकते हैं बल्कि महिलाएं भी हो सकती हैं जो कुछ भी कर गुजर सकती हैं।  CAUTION- कृपया इसे अपने आप पर ना लें।